सुंदरवन में छाई मुसीबत

किसी समय की बात है, एक बहुत ही घना और हरा-भरा जंगल था जिसका नाम था ‘सुंदरवन’। उस जंगल में एक विशाल बरगद का पेड़ था, जिस पर दर्जनों पक्षी अपने घोंसले बनाकर रहते थे। उसी पेड़ की एक खोखली टहनी में एक बुद्धिमान उल्लू भी रहता था।
उल्लू दिन भर सोता और रात होते ही जाग जाता था। बाकी पक्षी उसे ‘अजीब’ समझते थे क्योंकि वह रात के अंधेरे में भी मजे से घूमता था।
जंगल का डर: कालिया बाज

एक समय जंगल में एक बहुत ही क्रूर और शक्तिशाली बाज रहने आया, जिसका नाम था ‘कालिया’। कालिया बाज बहुत ही चालाक था। वह दिन के उजाले में पक्षियों का शिकार करता था। धीरे-धीरे पक्षियों में इतना खौफ हो गया कि उन्होंने दिन में बाहर निकलना ही बंद कर दिया।
पक्षियों ने सोचा, “अगर हम दिन में नहीं निकलेंगे, तो रात को दाना-पानी ढूँढेंगे।” लेकिन समस्या यह थी कि अंधेरी रात में उन पक्षियों को कुछ दिखाई नहीं देता था।
बुद्धिमान उल्लू की सलाह

सभी पक्षी डरे हुए और भूखे थे। तब वे सब मिलकर बुद्धिमान उल्लू के पास गए। उन्होंने अपनी समस्या बताई: “उल्लू भाई, अगर हम दिन में निकलते हैं तो बाज मार देता है, और रात को हमें कुछ दिखता नहीं। हम क्या करें?”
उल्लू ने शांति से उनकी बात सुनी और कहा, “डरने से समस्या का हल नहीं निकलता, योजना बनाने से निकलता है।”
उल्लू ने एक तरकीब सोची। उसने कहा, “आज रात तुम सब मेरे पीछे-पीछे उड़ना। अंधेरे में मेरी आँखें तुम्हारी रोशनी बनेंगी। मैं तुम्हें ऐसी जगह ले जाऊँगा जहाँ ढेर सारा अनाज और फल हैं, और वहाँ बाज हमें देख भी नहीं पाएगा।”
अंधेरी रात और एकता की जीत

उस काली घनी रात में, उल्लू सबसे आगे उड़ रहा था। उसकी चमकती आँखें रास्ता देख रही थीं। बाकी सारे पक्षी एक कतार में उसके पंखों की आवाज का पीछा करते हुए सुरक्षित सुरक्षित तरीके से जंगल के दूसरे छोर पर पहुँच गए।
वहां उन्होंने पेट भरकर भोजन किया। उल्लू की सूझबूझ से उन्होंने न केवल अपनी भूख मिटाई, बल्कि यह भी सीख लिया कि अंधेरा हमेशा डरावना नहीं होता, बस उसे देखने का नजरिया चाहिए।
अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही चला। जब बाज ने देखा कि अब उसे दिन में कोई पक्षी नहीं मिलता, तो वह भूख के मारे वह जंगल छोड़कर हमेशा के लिए चला गया।

कहानी की शिक्षा (Moral of the Story)
इस कहानी से हमें दो बड़ी बातें सीखने को मिलती हैं:
- बुद्धि ही सबसे बड़ा बल है: शारीरिक ताकत (जैसे बाज की) को केवल बुद्धि (जैसे उल्लू की) से हराया जा सकता है।
संगठन में शक्ति है: जब सभी पक्षी उल्लू के नेतृत्व में एकजुट हुए, तभी वे संकट से बाहर निकल पाए।