घमंडी घोड़ा और मेहनती गधा: अहंकार की हार
1. आलीशान घोड़ा और साधारण गधा

एक व्यापारी के पास एक बहुत ही सुंदर घोड़ा और एक मेहनती गधा था। घोड़ा अपनी तेज़ रफ़्तार और सुंदरता पर बहुत घमंड करता था। वह अक्सर गधे का मज़ाक उड़ाते हुए कहता, “तुम कितने बदसूरत और सुस्त हो! देखो मुझे, मैं कितना राजसी दिखता हूँ।” गधा चुपचाप अपनी मेहनत करता रहा।
2. भारी बोझ और घोड़े का इनकार(The Conflict)

एक दिन व्यापारी शहर जा रहा था। उसने गधे पर भारी सामान लाद दिया, जबकि घोड़ा खाली चल रहा था। रास्ता लंबा और कठिन था। गधा थकान से चूर हो गया और उसने घोड़े से विनती की:
- “भाई, बोझ बहुत भारी है।”
- “क्या तुम थोड़ा सा भार साझा कर सकते हो?”
- “नहीं तो मैं गिर जाऊँगा।”
घमंडी घोड़े ने तिरस्कार से कहा, “यह मेरा काम नहीं है, तुम अपना बोझ खुद उठाओ।”
3. घमंड का बुरा परिणाम(The Twist)

थोड़ी दूर चलते ही गधा थकान के कारण बेहोश होकर गिर पड़ा। व्यापारी ने तुरंत सारा भारी सामान घमंडी घोड़े की पीठ पर लाद दिया। इतना ही नहीं, उसने गधे को भी उठाकर घोड़े के ऊपर ही रख दिया। अब घोड़े को अपनी गलती का अहसास हुआ।
4. अहंकार की हार और सबक(Conclusion)

घोड़ा अब भारी बोझ के नीचे दबा जा रहा था। उसने मन ही मन सोचा, “काश मैंने गधे की थोड़ी मदद कर दी होती, तो आज मुझे यह सारा बोझ अकेले नहीं उठाना पड़ता।”
कहानी की अनमोल सीख(Moral)

“घमंड इंसान को अंधा कर देता है। दूसरों की मदद न करना अंत में खुद के लिए ही भारी पड़ता है।“